सेवा क्षेत्र · मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के मरीज़ों के लिए जयपुर में मनोचिकित्सक
उत्तरी मध्य प्रदेश, सड़क और रेल से सवाई माधोपुर, कोटा और आगरा होकर जयपुर से जुड़ा है। सफ़र लंबा है, इसलिए ग्वालियर, मुरैना, शिवपुरी और गुना के परिवार आमतौर पर किसी ख़ास वजह से आते हैं: दूसरी राय, बच्चे की जाँच, या अस्पताल में भर्ती जब जयपुर में कोई रिश्तेदार मदद कर सके।
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हर पेज पर आपके शहर से रास्ता और निकलने से पहले जानने लायक बातें हैं। अगर आपका कस्बा सूची में नहीं है, तब भी आपका स्वागत है।
लोग क्यों आते हैं
जयपुर आना कब सार्थक है
ग्वालियर में अपने बड़े अस्पताल और मनोचिकित्सक हैं, और इस इलाके के ज़्यादातर परिवार सही ही वहीं से शुरुआत करते हैं। जयपुर का सफ़र तब सार्थक है जब इलाज से फ़ायदा न हुआ हो और आप नई राय चाहते हों, या जब जयपुर में परिवार होने से ज़्यादा दिन रुकना संभव हो।
दूसरी राय
जब इलाज से फ़ायदा न हुआ हो या निदान सही न लगे, तो पूरे इतिहास को नए सिरे से देखने से बात साफ़ हो सकती है।
नशा मुक्ति
शराब और नशे की समस्या, अक्सर ऐसे परिवार के साथ जो घर से दूर मदद लेना चाहता हो।
और पढ़ेंसाइकोसिस और गंभीर बीमारी
आवाज़ें सुनाई देना, ग़लत पक्के विश्वास या लंबी बीमारी जो सँभली न हो, ज़रूरत पड़ने पर अस्पताल में भर्ती के साथ।
और पढ़ेंबच्चों की जाँच
बच्चे के विकास, व्यवहार या पढ़ाई को लेकर चिंता, जहाँ एक सावधान जाँच से आगे का रास्ता तय हो सकता है।
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यात्रा की योजना
जयपुर कैसे पहुँचें और कहाँ रुकें
सड़क मार्ग से
ग्वालियर और मुरैना से आमतौर पर उत्तर में धौलपुर, फिर पश्चिम में भरतपुर और दौसा होकर जयपुर-आगरा हाईवे पकड़ते हैं और पूर्व से जयपुर में आते हैं। शिवपुरी से कई लोग श्योपुर और सवाई माधोपुर होकर आते हैं। गुना से हाईवे बारां और कोटा होकर NH-52 से मिलता है और बूंदी व टोंक होते हुए आता है, जिस पर क्लिनिक से पहले नारायणा हॉस्पिटल पड़ता है।
ट्रेन और हवाई जहाज़ से
गुना, कोटा और सवाई माधोपुर होकर जयपुर जाने वाली लाइन पर है, जहाँ रोज़ की ट्रेन लगभग साढ़े सात से साढ़े आठ घंटे लेती है। ग्वालियर और मुरैना दिल्ली की मुख्य लाइन पर हैं, जहाँ से जयपुर की सीधी ट्रेनें हफ़्ते में कुछ ही हैं, इसलिए कई लोग आगरा में ट्रेन बदलते हैं। शिवपुरी से आमतौर पर गुना या ग्वालियर में ट्रेन बदलनी पड़ती है।
कहाँ रुकें
जयपुर जंक्शन और सिंधी कैंप के आसपास होटल और गेस्ट हाउस आसानी से मिल जाते हैं, जहाँ से क्लिनिक थोड़ी ही दूर है। अगर अपॉइंटमेंट नारायणा हॉस्पिटल में है या कोई वहाँ भर्ती है, तो प्रताप नगर और टोंक रोड की ओर रुकना आसान रहता है। बुक करते समय बता दें, टीम बता देगी कि शहर के किस हिस्से में रुकें।
निर्माण नगर क्लिनिक
1st Floor, 28 Shiv Shakti Nagar, near Bharat School, Nirman Nagar, Jaipur, Rajasthan 302019पश्चिमी जयपुर, अजमेर रोड के पास। सोमवार से शनिवार, केवल पूर्व अपॉइंटमेंट से।
क्लिनिक का रास्तानारायणा हॉस्पिटल
Narayana Hospital, Pratap Nagar, Sanganer, Sitapura Industrial Area, Rajasthan 302033दक्षिणी जयपुर, टोंक रोड के पास। हॉस्पिटल में परामर्श और ज़रूरत पड़ने पर भर्ती; समय पक्का करने के लिए क्लिनिक को फ़ोन करें।
हॉस्पिटल का रास्ताआपकी विज़िट
पहली विज़िट और फ़ॉलो-अप की योजना कैसे बनती है
01
निकलने से पहले
फ़ोन या व्हाट्सएप पर बुक करें और एक दिन पहले अपना समय पक्का कर लें। ऐसा समय चुनें जिसमें आने-जाने का सफ़र आराम से हो सके; लंबी यात्रा हो तो दोपहर का अपॉइंटमेंट या जयपुर में एक रात रुकना तनाव कम करता है।
02
क्या साथ लाएँ
सभी पुरानी पर्चियाँ, चल रही दवाओं के पत्ते या डिब्बे, जाँच की रिपोर्ट और अस्पताल की कोई डिस्चार्ज समरी, साथ में एक छोटा लिखा नोट कि परेशानी कब शुरू हुई और अब तक क्या-क्या आज़माया गया।
03
कौन साथ आए
मरीज़ के साथ परिवार के एक या दो ऐसे सदस्य जो पूरी बात जानते हों। अगर जिसे मदद चाहिए वह आने से मना करे, तो परिवार के लोग पहले आकर बात कर सकते हैं कि उनसे कैसे बात करें।
04
पहली विज़िट के बाद
शुरुआत में फ़ॉलो-अप जल्दी-जल्दी होते हैं, फिर इलाज स्थिर होने पर कई हफ़्तों के अंतर पर, आपकी यात्रा के हिसाब से। डॉ. माथुर बताती हैं कि बीच में किन बातों पर ध्यान रखें और कब फ़ोन करें।
अगर अस्पताल में भर्ती की ज़रूरत हो
कभी-कभी कुछ समय के लिए अस्पताल में इलाज सबसे सुरक्षित रहता है: ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचारों के साथ गंभीर डिप्रेशन, मेनिया या साइकोसिस, शराब छोड़ने के ऐसे लक्षण जिनमें डॉक्टरी निगरानी चाहिए, या जब किसी ने खाना-पीना छोड़ दिया हो। डॉ. माथुर जयपुर के प्रताप नगर स्थित नारायणा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट हैं, इसलिए ज़रूरत हो तो भर्ती वहीं हो सकती है और इलाज उसी मनोचिकित्सक की देखरेख में जारी रहता है। मध्य प्रदेश के परिवारों के लिए अच्छा रहता है कि भर्ती के दौरान परिवार का एक सदस्य जयपुर में रुक सके।
सवाल-जवाब
मध्य प्रदेश के परिवारों के सवाल
कोई और सवाल हो तो हमें कॉल करें, हम मदद करेंगे।
कॉल करें 72404-45656क्या जयपुर में रात रुकना ज़रूरी है?
लगभग निश्चित रूप से हाँ। उत्तरी मध्य प्रदेश से एक तरफ़ के सफ़र में ही दिन का ज़्यादातर हिस्सा लग जाता है, इसलिए अपॉइंटमेंट से एक शाम पहले पहुँचकर आराम करें। बुक करते समय बताएँ कि आप कहाँ से आ रहे हैं, ताकि टीम सुबह का समय सुझा सके।
ग्वालियर से जयपुर पहुँचने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
आगरा होकर सड़क या रेल आम विकल्प हैं, और दोनों में दिन का ज़्यादातर हिस्सा लगता है। हफ़्ते में कुछ सीधी ट्रेनें भी हैं, इसलिए पहले समय-सारणी देख लें। अगर आप किसी बीमार व्यक्ति को ला रहे हैं, तो ट्रेन बदलने से अक्सर गाड़ी और दूसरा ड्राइवर ज़्यादा आसान रहता है।
अगर जिसे मदद चाहिए वह आने से मना करे तो?
परिवार के लोग पहले मरीज़ के बिना आकर बता सकते हैं कि क्या हो रहा है, और बात कर सकते हैं कि उनसे कैसे बात करें। छिपाकर दवा न दें और ज़बरदस्ती न करें; इमरजेंसी में 112 पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ।
दूसरे राज्य से अपॉइंटमेंट कैसे बुक करें?
72404-45656 पर कॉल करें, व्हाट्सएप संदेश भेजें, या संपर्क पेज का फ़ॉर्म भरें, और बताएँ कि आप कहाँ से आ रहे हैं, ताकि टीम आपकी यात्रा के हिसाब से समय सुझा सके।
कहीं और से आ रहे हैं?
मध्य प्रदेश से सही इलाज तक: अपना परामर्श बुक करें।
तनाव, चिंता, डिप्रेशन या कोई भी भावनात्मक परेशानी हो, मदद बस एक बातचीत की दूरी पर है।
संकट की स्थिति में या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ तो टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 (निःशुल्क, 24×7) पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ।
