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Dr. Surabhi Mathur – Psychiatrist in Jaipur

विशेषज्ञ इलाज · बच्चों और किशोरों

जयपुर में बच्चों और वयस्कों के लिए ADHD का इलाज

अटेंशन-डेफ़िसिट/हाइपरएक्टिविटी डिसऑर्डर (ADHD) ध्यान, व्यवस्था और आवेग पर नियंत्रण को प्रभावित करता है। यह अक्सर बचपन में दिखता है, लेकिन कई वयस्क बिना पहचाने ADHD के साथ काम, पढ़ाई और रिश्तों में संघर्ष करते रहते हैं।

ADHD का इलाज, डॉ. सुरभि माथुर, जयपुर
निर्माण नगर क्लिनिक, जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर के साथ इलाज

डॉ. सुरभि माथुर निर्माण नगर, जयपुर के अपने क्लिनिक में बच्चों, किशोरों और वयस्कों में ADHD की जाँच और इलाज करती हैं।

ADHD को समझें

ADHD एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है। इसके तीन रूप हैं: मुख्य रूप से ध्यान की कमी, मुख्य रूप से अति-सक्रियता और आवेग, और दोनों का मेल। लक्षण 12 साल की उम्र से पहले शुरू होते हैं, भले ही वयस्कों में उन्हें बाद में पहचाना गया हो।

वयस्कों में अति-सक्रियता अक्सर अंदरूनी बेचैनी के रूप में दिखती है, जबकि समय प्रबंधन, काम टालने और भूलने की समस्याएँ ज़्यादा उभरती हैं। ADHD अक्सर चिंता, डिप्रेशन, लर्निंग डिसेबिलिटी और नशे के साथ होता है।

आम लक्षण

  • ध्यान बनाए रखने या काम पूरा करने में कठिनाई
  • लापरवाही की गलतियाँ और भूलना
  • चीज़ें खोना और अव्यवस्था
  • बेचैनी या एक जगह बैठे रहने में मुश्किल
  • बहुत ज़्यादा बोलना या दूसरों को बीच में टोकना
  • परिणाम सोचे बिना काम करना
  • वयस्कों में: लगातार काम टालना, डेडलाइन चूकना और समय संभालने में मुश्किल

कारण और जोखिम

  • मज़बूत आनुवंशिक असर; ADHD अक्सर परिवारों में चलता है
  • ध्यान और आत्म-नियंत्रण संभालने वाले दिमाग़ी हिस्सों में अंतर
  • समय से पहले जन्म या कम जन्म-वज़न
  • गर्भावस्था में शराब या तंबाकू का संपर्क

मनोचिकित्सक को कब दिखाना चाहिए?

अगर ये परेशानियाँ दो हफ़्ते से ज़्यादा समय से हैं, बार-बार लौट आती हैं, या आपके काम, पढ़ाई, रिश्तों या दिनचर्या पर असर डाल रही हैं, तो अपॉइंटमेंट लेने के बारे में सोचें। हालात असहनीय होने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं; जल्दी शुरू किया गया इलाज आमतौर पर छोटा और ज़्यादा असरदार होता है।

अगर आप या आपका कोई अपना संकट में है या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या भारत सरकार की निःशुल्क 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस पर कॉल करें: 14416.

डॉ. सुरभि माथुर निदान कैसे करती हैं

पहला परामर्श एक इत्मीनान भरी बातचीत होती है: आपके लक्षण, वे कब से हैं, आपका मेडिकल और पारिवारिक इतिहास, नींद, तनाव और किसी नशे के बारे में। ज़रूरत हो तो डॉ. माथुर मानक रेटिंग स्केल का उपयोग करती हैं और थायरॉइड या विटामिन जैसी शारीरिक वजहों को अलग करने के लिए ब्लड टेस्ट सुझा सकती हैं। आप साफ़ समझ के साथ और अपनी सहमति से बनी इलाज योजना लेकर जाते हैं।

पहली मुलाकात में क्या होता है

इलाज के विकल्प

  • विस्तृत जाँच

    बचपन से इतिहास, रेटिंग स्केल, और माता-पिता, शिक्षकों या जीवनसाथी की जानकारी से ADHD पक्का करना और दूसरे कारणों को अलग करना।

  • पेरेंट ट्रेनिंग और बिहेवियर थेरेपी

    छोटे बच्चों के लिए पहला कदम: नियमित दिनचर्या, सकारात्मक प्रोत्साहन और साफ़ अपेक्षाएँ।

  • वयस्कों के लिए CBT और कोचिंग

    योजना बनाने, समय प्रबंधन और भावनाओं को संभालने के व्यावहारिक तरीके।

  • दवाएँ

    स्टिमुलेंट और नॉन-स्टिमुलेंट दवाएँ ADHD के लक्षणों के लिए मनोरोग के सबसे असरदार इलाजों में हैं, और इनकी सावधानी से निगरानी होती है।

  • स्कूल और कार्यस्थल में बदलाव

    छोटे-छोटे बदलाव जो ध्यान भटकना कम करें और प्रदर्शन बेहतर करें।

इलाज में कितना समय लगता है?

सही दवा से कई लोगों को कुछ दिनों से हफ़्तों में बेहतर ध्यान महसूस होता है। व्यवहार के तरीकों में ज़्यादा समय लगता है लेकिन वे स्थायी कौशल बनाते हैं। ADHD का प्रबंधन लंबे समय तक होता है, और ज़रूरतें बदलने पर नियमित समीक्षा की जाती है।

जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर को क्यों चुनें?

  • MBBS, MD (मनोरोग), नारायणा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट
  • साइकोथेरेपी और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) में प्रशिक्षित
  • थेरेपी, दवा और जीवनशैली को मिलाकर बनी इलाज योजना
  • पूरी तरह गोपनीय, बिना जजमेंट के परामर्श
  • निर्माण नगर में क्लिनिक, हफ़्ते के सातों दिन खुला
  • ज़रूरत पड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती की सुविधा

सवाल-जवाब

जयपुर में बच्चों और वयस्कों के लिए ADHD का इलाज: सवाल-जवाब

कोई और सवाल हो तो हमें कॉल करें, हम मदद करेंगे।

कॉल करें 72404-45656

क्या वयस्कों को ADHD हो सकता है?

हाँ। ADHD अक्सर वयस्क उम्र तक बना रहता है, और कई वयस्कों का पहली बार निदान सालों तक ध्यान, व्यवस्था और डेडलाइन से जूझने के बाद होता है।

क्या ADHD ख़राब परवरिश या ज़्यादा स्क्रीन टाइम से होता है?

नहीं। ADHD एक न्यूरो-डेवलपमेंटल स्थिति है जिसकी जड़ें आनुवंशिक हैं। स्क्रीन टाइम और परवरिश व्यवहार पर असर डाल सकते हैं, लेकिन ADHD का कारण नहीं होते।

क्या ADHD की दवाएँ बच्चों के लिए सुरक्षित हैं?

विशेषज्ञ द्वारा लिखी और निगरानी में दी गई ADHD दवाओं पर ख़ूब अध्ययन हुआ है और ज़्यादातर बच्चों के लिए ये सुरक्षित हैं। भूख, नींद, वृद्धि और दिल की धड़कन नियमित रूप से जाँची जाती है।

ADHD के बारे में बात करने के लिए तैयार हैं?

निर्माण नगर क्लिनिक में डॉ. सुरभि माथुर से गोपनीय परामर्श बुक करें, या व्हाट्सएप पर संदेश भेजें, हम आपकी सुविधा के अनुसार समय तय करेंगे।

संकट की स्थिति में या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ तो टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 (निःशुल्क, 24×7) पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ।