डॉ. सुरभि माथुर निर्माण नगर, जयपुर के अपने क्लिनिक में, और अस्पताल की ज़रूरत होने पर नारायणा हॉस्पिटल में, पहली बार हुए साइकोसिस, स्किज़ोफ्रेनिया और इनसे जुड़ी स्थितियों का इलाज करती हैं।
स्किज़ोफ्रेनिया और साइकोसिस को समझें
साइकोसिस एक लक्षण है जिसके कई संभावित कारण हो सकते हैं: स्किज़ोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर, गंभीर डिप्रेशन, नशा (ख़ास तौर पर गांजा और स्टिमुलेंट), या शारीरिक बीमारी। स्किज़ोफ्रेनिया एक लंबी अवधि की स्थिति है जिसमें साइकोसिस के लक्षणों के साथ प्रेरणा, भावनाओं और सामाजिक व्यवहार में भी बदलाव आते हैं।
साइकोसिस का जितना जल्दी इलाज हो, नतीजे उतने बेहतर होते हैं। परिवार अक्सर साफ़ लक्षण आने से महीनों पहले शुरुआती बदलाव देखते हैं, जैसे अकेले रहना, शक करना या प्रदर्शन में गिरावट।
आम लक्षण
- ऐसी आवाज़ें सुनना या चीज़ें देखना जो दूसरों को न दिखें
- पक्के ग़लत विश्वास, जैसे पीछा किया जाना, ज़हर दिया जाना या नियंत्रित किया जाना
- बिना कारण शक या डर
- उलझी हुई या असंगत बातें और सोच
- परिवार और दोस्तों से दूर होना
- अपनी देखभाल, पढ़ाई या काम की अनदेखी
- भावनाओं की अभिव्यक्ति या प्रेरणा में कमी
कारण और जोखिम
- आनुवंशिक संवेदनशीलता
- दिमाग़ के विकास और डोपामिन गतिविधि में अंतर
- गांजा और दूसरे नशे, जो साइकोसिस शुरू कर सकते हैं
- गंभीर तनाव, नींद की कमी या बड़ी घटनाएँ
मनोचिकित्सक को कब दिखाना चाहिए?
अगर ये परेशानियाँ दो हफ़्ते से ज़्यादा समय से हैं, बार-बार लौट आती हैं, या आपके काम, पढ़ाई, रिश्तों या दिनचर्या पर असर डाल रही हैं, तो अपॉइंटमेंट लेने के बारे में सोचें। हालात असहनीय होने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं; जल्दी शुरू किया गया इलाज आमतौर पर छोटा और ज़्यादा असरदार होता है।
अगर आप या आपका कोई अपना संकट में है या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या भारत सरकार की निःशुल्क 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस पर कॉल करें: 14416.
डॉ. सुरभि माथुर निदान कैसे करती हैं
पहला परामर्श एक इत्मीनान भरी बातचीत होती है: आपके लक्षण, वे कब से हैं, आपका मेडिकल और पारिवारिक इतिहास, नींद, तनाव और किसी नशे के बारे में। ज़रूरत हो तो डॉ. माथुर मानक रेटिंग स्केल का उपयोग करती हैं और थायरॉइड या विटामिन जैसी शारीरिक वजहों को अलग करने के लिए ब्लड टेस्ट सुझा सकती हैं। आप साफ़ समझ के साथ और अपनी सहमति से बनी इलाज योजना लेकर जाते हैं।
पहली मुलाकात में क्या होता हैइलाज के विकल्प
सावधानीपूर्वक जाँच
शारीरिक और नशे से जुड़े कारणों को अलग करना और मूल निदान की पहचान करना।
एंटीसाइकोटिक दवाएँ
इलाज का मुख्य आधार, असर और साइड-इफ़ेक्ट में संतुलन रखते हुए चुनी जाती हैं। कुछ लोगों के लिए लंबे असर वाले इंजेक्शन भी विकल्प हैं।
परिवार को बीमारी की समझ
परिवार को बीमारी समझने, घर का तनाव कम करने और दोबारा होने के संकेत जल्दी पहचानने में मदद।
मनोसामाजिक पुनर्वास
दिनचर्या, सामाजिक कौशल और पढ़ाई या काम पर लौटने की तैयारी।
ज़रूरत पड़ने पर अस्पताल में देखभाल
गंभीर दौरों या सुरक्षा की चिंता में नारायणा हॉस्पिटल में थोड़े समय के लिए भर्ती।
इलाज में कितना समय लगता है?
दवा शुरू करने के कुछ हफ़्तों में कई लोगों के लक्षण कम होने लगते हैं। पहले दौरे के बाद इलाज आमतौर पर कम से कम एक से दो साल चलता है। नियमित इलाज और परिवार के सहयोग से बहुत से लोग पढ़ाई, काम और आत्मनिर्भर जीवन में लौट आते हैं।
जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर को क्यों चुनें?
- MBBS, MD (मनोरोग), नारायणा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट
- साइकोथेरेपी और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) में प्रशिक्षित
- थेरेपी, दवा और जीवनशैली को मिलाकर बनी इलाज योजना
- पूरी तरह गोपनीय, बिना जजमेंट के परामर्श
- निर्माण नगर में क्लिनिक, हफ़्ते के सातों दिन खुला
- ज़रूरत पड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती की सुविधा

