डॉ. सुरभि माथुर निर्माण नगर, जयपुर के अपने क्लिनिक में गोपनीय नशा मुक्ति इलाज देती हैं: सुरक्षित तरीके से नशा छुड़ाना, तलब कम करने वाली दवाएँ, और मरीज़ व परिवार दोनों के लिए काउंसलिंग।
नशे की लत को समझें
लत तब बनती है जब बार-बार सेवन दिमाग़ के 'इनाम' वाले तंत्र को बदल देता है, जिससे तलब, नियंत्रण खोना और नुकसान के बावजूद सेवन जारी रहता है। नशे के मामले में शरीर भी इसका आदी हो जाता है, इसलिए अचानक छोड़ने पर विड्रॉल के लक्षण आ सकते हैं।
गेमिंग, जुआ और बहुत ज़्यादा फ़ोन या इंटरनेट इस्तेमाल जैसी व्यवहारिक लतें भी तलब, नियंत्रण खोने और ज़िम्मेदारियों से टकराव के उसी पैटर्न पर चलती हैं। ये छात्रों और युवाओं में तेज़ी से बढ़ रही हैं।
आम लक्षण
- सोचे से ज़्यादा मात्रा में या ज़्यादा देर तक सेवन
- तेज़ तलब और कम करने की नाकाम कोशिशें
- विड्रॉल के लक्षण: कंपकंपी, पसीना, घबराहट, नींद न आना या चिड़चिड़ापन
- उतना ही असर पाने के लिए ज़्यादा मात्रा की ज़रूरत
- नशे की वजह से काम, पढ़ाई या परिवार की अनदेखी
- सेवन छिपाना, या इसे लेकर परिवार से झगड़े
- गेमिंग, स्क्रॉलिंग या ऑनलाइन घंटों बिताना, रोकने पर चिड़चिड़ापन
- सेहत, पैसे या रिश्तों के नुकसान के बावजूद जारी रखना
कारण और जोखिम
- आनुवंशिक संवेदनशीलता और परिवार में लत का इतिहास
- तनाव, चिंता, डिप्रेशन या नींद की कमी से निपटने के लिए नशा
- कम उम्र में संपर्क और साथियों का प्रभाव
- आसानी से उपलब्धता और सामाजिक स्वीकृति
- ADHD जैसी बिना इलाज की समस्याएँ, जो जोखिम बढ़ाती हैं
मनोचिकित्सक को कब दिखाना चाहिए?
अगर ये परेशानियाँ दो हफ़्ते से ज़्यादा समय से हैं, बार-बार लौट आती हैं, या आपके काम, पढ़ाई, रिश्तों या दिनचर्या पर असर डाल रही हैं, तो अपॉइंटमेंट लेने के बारे में सोचें। हालात असहनीय होने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं; जल्दी शुरू किया गया इलाज आमतौर पर छोटा और ज़्यादा असरदार होता है।
अगर आप या आपका कोई अपना संकट में है या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या भारत सरकार की निःशुल्क 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस पर कॉल करें: 14416.
डॉ. सुरभि माथुर निदान कैसे करती हैं
पहला परामर्श एक इत्मीनान भरी बातचीत होती है: आपके लक्षण, वे कब से हैं, आपका मेडिकल और पारिवारिक इतिहास, नींद, तनाव और किसी नशे के बारे में। ज़रूरत हो तो डॉ. माथुर मानक रेटिंग स्केल का उपयोग करती हैं और थायरॉइड या विटामिन जैसी शारीरिक वजहों को अलग करने के लिए ब्लड टेस्ट सुझा सकती हैं। आप साफ़ समझ के साथ और अपनी सहमति से बनी इलाज योजना लेकर जाते हैं।
पहली मुलाकात में क्या होता हैइलाज के विकल्प
डॉक्टर की निगरानी में नशा छुड़ाना
विड्रॉल के लक्षणों का सुरक्षित प्रबंधन, ख़ास तौर पर शराब में ज़रूरी, क्योंकि बिना निगरानी के अचानक छोड़ना ख़तरनाक हो सकता है।
तलब कम करने वाली दवाएँ
शराब, तंबाकू और ओपिओइड की लत में तलब कम करने और नशे से दूर रहने में मदद करने वाली प्रमाणित दवाएँ।
मोटिवेशनल और रिलैप्स-प्रिवेंशन काउंसलिंग
बदलाव की प्रेरणा जगाना, ट्रिगर पहचानना और जोखिम वाले हालात के लिए व्यावहारिक योजना बनाना।
छिपी समस्याओं का इलाज
डिप्रेशन, चिंता, ADHD और नींद की समस्याओं की जाँच और इलाज, क्योंकि ये अक्सर नशा जारी रखने की वजह होती हैं।
परिवार की काउंसलिंग
परिवार को सहयोगी तरीके से प्रतिक्रिया देना, सही सीमाएँ तय करना और दोबारा नशे के संकेत पहचानना सिखाना।
डिजिटल डिटॉक्स योजना
गेमिंग और इंटरनेट की लत में दिनचर्या, नींद और ऑफ़लाइन गतिविधियाँ फिर से बनाने की योजना, युवाओं के लिए माता-पिता के साथ मिलकर।
इलाज में कितना समय लगता है?
रिकवरी एक प्रक्रिया है, एक दिन की घटना नहीं। विड्रॉल आमतौर पर एक से दो हफ़्ते में संभल जाता है, जबकि दोबारा नशे से बचाव का इलाज कई महीने चलता है। एक बार फिसलना हार नहीं है; यह योजना बदलने का संकेत है।
जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर को क्यों चुनें?
- MBBS, MD (मनोरोग), नारायणा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट
- साइकोथेरेपी और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) में प्रशिक्षित
- थेरेपी, दवा और जीवनशैली को मिलाकर बनी इलाज योजना
- पूरी तरह गोपनीय, बिना जजमेंट के परामर्श
- निर्माण नगर में क्लिनिक, हफ़्ते के सातों दिन खुला
- ज़रूरत पड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती की सुविधा

