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Dr. Surabhi Mathur – Psychiatrist in Jaipur

आपकी पहली मुलाकात

पहली बार मनोचिकित्सक से मिल रहे हैं: क्या उम्मीद करें

पहली अपॉइंटमेंट से पहले घबराहट होना सामान्य है। यहाँ बताया गया है कि ठीक-ठीक क्या होता है, कैसे तैयारी करें और आगे क्या होता है, ताकि आप तैयार महसूस करते हुए आएँ।

जयपुर क्लिनिक में डॉ. सुरभि माथुर के साथ पहला परामर्श
परामर्श निजी, इत्मीनान भरे और गोपनीय होते हैं

आने से पहले

कैसे तैयारी करें

बुकिंग आसान है: कॉल करें, व्हाट्सएप करें या संपर्क फ़ॉर्म भरें। फिर कुछ चीज़ें इकट्ठी करें जिनसे डॉ. माथुर आपकी स्थिति जल्दी समझ सकें।

क्या लेकर आएँ

  • पुरानी पर्चियाँ और अभी चल रही दवाएँ (या दवा के पत्तों की फ़ोटो)
  • पहले के डॉक्टरों की रिपोर्ट, अस्पताल की डिस्चार्ज समरी या टेस्ट रिपोर्ट
  • आप क्या महसूस कर रहे हैं, कब से, और किससे बेहतर या बदतर होता है, इसके कुछ नोट्स
  • जो सवाल पूछने हैं, ताकि उस समय कुछ भूल न जाएँ
  • अगर चाहें तो सहारे के लिए परिवार का कोई सदस्य या दोस्त (यह पूरी तरह आपकी मर्ज़ी है)
  • बच्चे के लिए: स्कूल की रिपोर्ट या शिक्षक की राय, और विकास से जुड़े रिकॉर्ड

परामर्श के दौरान

कमरे में क्या होता है

हर परामर्श अलग होता है, लेकिन ज़्यादातर पहली विज़िट इन पाँच चरणों में होती है।

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    गर्मजोशी से स्वागत

    क्लिनिक की टीम आपकी जानकारी लेती है और आपको निजी परामर्श कक्ष में ले जाती है। कोई जल्दी नहीं; एक पल आराम से बैठें।

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    आपकी परेशानी पर बात

    डॉ. माथुर आपके अपने शब्दों में पूछती हैं कि आपको क्या परेशान कर रहा है। आप कहीं से भी शुरू कर सकते हैं, और इसे शब्दों में न कह पाना भी ठीक है।

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    आपकी पृष्ठभूमि

    सेहत, नींद, भूख, काम या पढ़ाई, रिश्ते, परिवार का इतिहास और शराब या किसी नशे के बारे में सवालों से पूरी तस्वीर बनती है।

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    जाँच

    ज़रूरत हो तो छोटी प्रश्नावली या रेटिंग स्केल का उपयोग होता है। थायरॉइड या विटामिन जैसी शारीरिक वजहें अलग करने के लिए ब्लड टेस्ट सुझाए जा सकते हैं।

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    साफ़ समझ और साझा योजना

    आपको साफ़ बताया जाता है कि डॉ. माथुर के अनुसार क्या हो रहा है और विकल्प क्या हैं: थेरेपी, दवा, जीवनशैली में बदलाव या इनका मेल। फ़ैसला आप साथ मिलकर लेते हैं।

पहली विज़िट के बाद

आगे क्या होता है

  • फ़ॉलो-अप अपॉइंटमेंट

    शुरुआत में फ़ॉलो-अप आमतौर पर एक से चार हफ़्तों में होते हैं ताकि प्रगति देखी जा सके और योजना बदली जा सके। सुधार के साथ विज़िट कम होती जाती हैं।

  • अगर दवा शुरू हो

    आपको पता रहेगा कि हर दवा किसलिए है, कब से असर दिखना चाहिए, और किन साइड-इफ़ेक्ट पर ध्यान दें। मनोरोग की कोई भी दवा अचानक बंद न करें; उसे डॉक्टर के साथ धीरे-धीरे कम किया जाता है।

  • अगर थेरेपी शुरू हो

    CBT जैसी टॉक-थेरेपी आमतौर पर एक तय अवधि तक हर हफ़्ते के सेशन में होती है, और सेशन के बीच कुछ छोटे व्यावहारिक अभ्यास होते हैं।

  • विज़िट के बीच

    अगर कोई सवाल हो या परेशानी बढ़े, तो क्लिनिक को 72404-45656 पर कॉल करें। इमरजेंसी में नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या टेली-मानस 14416 पर कॉल करें।

अगर हालात असहनीय लगें या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ, तो अपॉइंटमेंट का इंतज़ार न करें। नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या टेली-मानस 14416 (निःशुल्क, 24×7) पर कॉल करें।

आम चिंताएँ

जिन बातों के बारे में लोग अक्सर सोचते हैं

  • क्या मुझे जज किया जाएगा?

    नहीं। मनोचिकित्सक हर तरह की कठिनाई के बारे में सुनते हैं। डॉ. माथुर के परामर्श बिना जजमेंट के होते हैं; आप जो भी बताएँ, उसे समझदारी से सुना जाता है।

  • क्या मुझ पर 'पागल' का ठप्पा लगेगा?

    नहीं। मनोचिकित्सक के पास आने वाले ज़्यादातर लोगों को चिंता, डिप्रेशन या नींद की समस्या जैसी आम और ठीक होने वाली समस्याएँ होती हैं। निदान सही मदद चुनने का तरीका है, कोई ठप्पा नहीं।

  • क्या मुझे ज़िंदगी भर दवा लेनी पड़ेगी?

    आमतौर पर नहीं। कई लोगों को कुछ महीनों के लिए ही दवा चाहिए होती है, और कई लोगों का इलाज सिर्फ़ थेरेपी से होता है। हर फ़ैसला आपके साथ चर्चा करके होता है।

  • क्या मेरे परिवार या ऑफ़िस को पता चलेगा?

    हमसे नहीं। आपका परामर्श गोपनीय है और आपकी सहमति के बिना किसी से साझा नहीं किया जाता, सिवाय उन दुर्लभ हालात के जहाँ सुरक्षा को गंभीर ख़तरा हो।

  • अगर मैं रो पड़ूँ या शब्द न मिलें तो?

    यह बिल्कुल ठीक और बहुत आम है। अपना समय लें। कुछ लोग लिखे हुए नोट्स लाते हैं; कुछ किसी ऐसे व्यक्ति को साथ लाते हैं जो समझाने में मदद कर सके।

  • क्या मदद लेना कमज़ोरी है?

    बिल्कुल नहीं। जल्दी मदद लेना ताक़त की निशानी है, और जल्दी शुरू किया गया इलाज आमतौर पर छोटा और ज़्यादा असरदार होता है।

डॉ. सुरभि माथुर से मिलिए

सवाल-जवाब

पहली अपॉइंटमेंट से जुड़े सवाल

कोई और सवाल हो तो हमें कॉल करें, हम मदद करेंगे।

कॉल करें 72404-45656

मनोचिकित्सक के साथ पहली अपॉइंटमेंट कितनी लंबी होती है?

पहला परामर्श फ़ॉलो-अप से लंबा होता है, ताकि बात करने, सवाल पूछने और योजना पर सहमत होने का पूरा समय मिले। कृपया कुछ मिनट पहले पहुँचें।

क्या पहली विज़िट में ही दवा मिलेगी?

सिर्फ़ तभी जब उससे मदद की संभावना हो और आप सहमत हों। कई लोग थेरेपी, जीवनशैली में बदलाव या आगे की जाँच से शुरुआत करते हैं। अगर दवा सुझाई जाती है तो डॉ. माथुर बताती हैं क्यों, क्या उम्मीद करें और विकल्प क्या हैं।

क्या परिवार का कोई सदस्य साथ आ सकता है?

हाँ, अगर आप चाहें। परामर्श का कुछ हिस्सा निजी रूप से भी हो सकता है। बच्चों और किशोरों के लिए माता-पिता या अभिभावक साथ आते हैं।

क्या रेफ़रल या पहले का निदान ज़रूरी है?

नहीं। आप सीधे बुक कर सकते हैं। अगर दूसरे डॉक्टरों को दिखाया है तो उनके नोट्स और रिपोर्ट साथ लाएँ।

जब आप तैयार हों। अपना पहला परामर्श बुक करें।

तनाव, चिंता, डिप्रेशन या कोई भी भावनात्मक परेशानी हो, मदद बस एक बातचीत की दूरी पर है।

संकट की स्थिति में या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ तो टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 (निःशुल्क, 24×7) पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ।