डॉ. सुरभि माथुर निर्माण नगर, जयपुर के अपने क्लिनिक में अनिद्रा और नींद की समस्याओं का इलाज करती हैं, और कारण ढूँढकर उसका इलाज करने पर ध्यान देती हैं।
अनिद्रा को समझें
अनिद्रा का अर्थ है सोने का मौका होने के बावजूद हफ़्ते में कम से कम तीन रात सोने में, सोए रहने में या बहुत जल्दी उठ जाने में कठिनाई। जब यह तीन महीने या उससे ज़्यादा रहे, तो इसे क्रॉनिक अनिद्रा कहते हैं।
नींद की समस्याएँ मानसिक स्वास्थ्य से गहराई से जुड़ी हैं। चिंता, डिप्रेशन, बाइपोलर डिसऑर्डर, ADHD, नशा और तनाव सब नींद बिगाड़ते हैं, और ख़राब नींद इन समस्याओं को और बढ़ाती है। दोनों का साथ इलाज सबसे अच्छे नतीजे देता है।
आम लक्षण
- सोने में 30 मिनट से ज़्यादा लगना
- रात में बार-बार या सुबह बहुत जल्दी नींद खुलना
- सोने के बाद भी थकान और ताज़गी न लगना
- दिन में नींद, चिड़चिड़ापन या ध्यान की कमी
- नींद की चिंता और सोने के समय से घबराहट
- सोने के लिए नींद की गोलियों या शराब पर निर्भरता
कारण और जोखिम
- तनाव, चिंता और सोते समय दिमाग़ का चलते रहना
- डिप्रेशन और मूड की दूसरी बीमारियाँ
- अनियमित दिनचर्या, शिफ़्ट में काम या देर रात तक स्क्रीन
- चाय-कॉफ़ी, निकोटीन या शराब
- दर्द, शारीरिक बीमारियाँ या दवाएँ
- स्लीप एप्निया या रेस्टलेस लेग्स जैसी नींद की दूसरी बीमारियाँ
मनोचिकित्सक को कब दिखाना चाहिए?
अगर ये परेशानियाँ दो हफ़्ते से ज़्यादा समय से हैं, बार-बार लौट आती हैं, या आपके काम, पढ़ाई, रिश्तों या दिनचर्या पर असर डाल रही हैं, तो अपॉइंटमेंट लेने के बारे में सोचें। हालात असहनीय होने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं; जल्दी शुरू किया गया इलाज आमतौर पर छोटा और ज़्यादा असरदार होता है।
अगर आप या आपका कोई अपना संकट में है या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या भारत सरकार की निःशुल्क 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस पर कॉल करें: 14416.
डॉ. सुरभि माथुर निदान कैसे करती हैं
पहला परामर्श एक इत्मीनान भरी बातचीत होती है: आपके लक्षण, वे कब से हैं, आपका मेडिकल और पारिवारिक इतिहास, नींद, तनाव और किसी नशे के बारे में। ज़रूरत हो तो डॉ. माथुर मानक रेटिंग स्केल का उपयोग करती हैं और थायरॉइड या विटामिन जैसी शारीरिक वजहों को अलग करने के लिए ब्लड टेस्ट सुझा सकती हैं। आप साफ़ समझ के साथ और अपनी सहमति से बनी इलाज योजना लेकर जाते हैं।
पहली मुलाकात में क्या होता हैइलाज के विकल्प
अनिद्रा के लिए CBT (CBT-I)
क्रॉनिक अनिद्रा का सुझाया गया पहला इलाज: सोने-जागने का समय फिर से तय करना, बिस्तर पर जागते रहने का समय कम करना, और नींद के बारे में ग़लत विचार बदलना।
नींद की अच्छी आदतें
रोज़ एक ही समय पर उठना, सोने से पहले शांत दिनचर्या, स्क्रीन और चाय-कॉफ़ी कम करना, और सोने लायक कमरा।
मूल कारण का इलाज
नींद बिगाड़ने वाली चिंता, डिप्रेशन, दर्द या नशे का इलाज।
दवाओं का सावधानी से उपयोग
अगर दवा की ज़रूरत हो तो आदत न डालने वाली दवाएँ पहले चुनी जाती हैं, और आदत डालने वाली नींद की गोलियाँ थोड़े समय के लिए ही दी जाती हैं।
नींद की गोलियाँ छोड़ने में मदद
नींद की गोलियों पर निर्भर हो चुके लोगों के लिए धीरे-धीरे, निगरानी में कम करने की योजना।
इलाज में कितना समय लगता है?
CBT-I से ज़्यादातर लोगों की नींद चार से आठ हफ़्तों में काफ़ी बेहतर हो जाती है, और इलाज के बाद भी सुधार बना रहता है। जब मूल कारण का इलाज होता है, तो नींद आमतौर पर साथ-साथ सुधरती है।
जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर को क्यों चुनें?
- MBBS, MD (मनोरोग), नारायणा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट
- साइकोथेरेपी और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) में प्रशिक्षित
- थेरेपी, दवा और जीवनशैली को मिलाकर बनी इलाज योजना
- पूरी तरह गोपनीय, बिना जजमेंट के परामर्श
- निर्माण नगर में क्लिनिक, हफ़्ते के सातों दिन खुला
- ज़रूरत पड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती की सुविधा

