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Dr. Surabhi Mathur – Psychiatrist in Jaipur

विशेषज्ञ इलाज · वयस्कों

जयपुर में बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज

बाइपोलर डिसऑर्डर में बहुत ज़्यादा ऊँचे मूड या ऊर्जा (मेनिया या हाइपोमेनिया) और डिप्रेशन के दौर आते हैं। सही निदान और नियमित इलाज से बाइपोलर डिसऑर्डर वाले ज़्यादातर लोग स्थिर और सक्रिय जीवन जीते हैं।

बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज, डॉ. सुरभि माथुर, जयपुर
निर्माण नगर क्लिनिक, जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर के साथ इलाज

डॉ. सुरभि माथुर निर्माण नगर, जयपुर के अपने क्लिनिक में बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज करती हैं, जिसमें मूड को स्थिर रखना, दोबारा होने से रोकना और परिवार को समझाना शामिल है।

बाइपोलर डिसऑर्डर को समझें

बाइपोलर I डिसऑर्डर में मेनिया के दौरे आते हैं जिनमें तुरंत देखभाल की ज़रूरत पड़ सकती है। बाइपोलर II में हल्के 'हाइपोमेनिक' दौर और लंबे डिप्रेशन के दौर होते हैं। दौरों के बीच कई लोग पूरी तरह ठीक महसूस करते हैं।

बाइपोलर डिप्रेशन सामान्य डिप्रेशन जैसा दिख सकता है, इसलिए कभी-कभी पहचान छूट जाती है। सही निदान ज़रूरी है, क्योंकि अकेले एंटीडिप्रेसेंट देने से बाइपोलर वाले कुछ लोगों में मेनिया शुरू हो सकता है।

आम लक्षण

  • असामान्य रूप से ऊँचा, उत्साहित या चिड़चिड़ा मूड
  • थकान महसूस किए बिना नींद की ज़रूरत बहुत कम होना
  • तेज़ बोलना, विचारों का तेज़ी से भागना
  • बढ़ा-चढ़ा आत्मविश्वास या बड़ी-बड़ी योजनाएँ
  • आवेग में ख़र्च, जोखिम भरा व्यवहार या फ़ैसले
  • गहरे डिप्रेशन, कम ऊर्जा और निराशा के दौर
  • गंभीर दौरों में असामान्य विश्वास या आवाज़ें सुनना

कारण और जोखिम

  • मज़बूत आनुवंशिक असर; अक्सर परिवारों में चलता है
  • दिमाग़ी रसायनों और शरीर की जैविक घड़ी में अंतर
  • नींद की कमी, बड़ा तनाव, नशा या प्रसव जैसे ट्रिगर

मनोचिकित्सक को कब दिखाना चाहिए?

अगर ये परेशानियाँ दो हफ़्ते से ज़्यादा समय से हैं, बार-बार लौट आती हैं, या आपके काम, पढ़ाई, रिश्तों या दिनचर्या पर असर डाल रही हैं, तो अपॉइंटमेंट लेने के बारे में सोचें। हालात असहनीय होने तक इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं; जल्दी शुरू किया गया इलाज आमतौर पर छोटा और ज़्यादा असरदार होता है।

अगर आप या आपका कोई अपना संकट में है या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आ रहे हैं, तो नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ या भारत सरकार की निःशुल्क 24×7 मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन टेली-मानस पर कॉल करें: 14416.

डॉ. सुरभि माथुर निदान कैसे करती हैं

पहला परामर्श एक इत्मीनान भरी बातचीत होती है: आपके लक्षण, वे कब से हैं, आपका मेडिकल और पारिवारिक इतिहास, नींद, तनाव और किसी नशे के बारे में। ज़रूरत हो तो डॉ. माथुर मानक रेटिंग स्केल का उपयोग करती हैं और थायरॉइड या विटामिन जैसी शारीरिक वजहों को अलग करने के लिए ब्लड टेस्ट सुझा सकती हैं। आप साफ़ समझ के साथ और अपनी सहमति से बनी इलाज योजना लेकर जाते हैं।

पहली मुलाकात में क्या होता है

इलाज के विकल्प

  • मूड स्टेबलाइज़र

    लिथियम, वैल्प्रोएट और कुछ नई दवाएँ मेनिया और डिप्रेशन दोनों के दौरे रोकती हैं। इनमें से कुछ की निगरानी ब्लड टेस्ट से होती है।

  • तीव्र दौरों का इलाज

    मेनिया या डिप्रेशन के दौरान दवा में तुरंत बदलाव, और ज़रूरत पड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती की सुविधा।

  • बीमारी की समझ

    अपने शुरुआती चेतावनी संकेत, ट्रिगर और नियमित नींद व दिनचर्या का महत्व सीखना।

  • साइकोथेरेपी

    CBT और परिवार-केंद्रित थेरेपी से दवा नियमित लेने में मदद मिलती है और दोबारा दौरे कम होते हैं।

  • परिवार का सहयोग

    परिवार को बीमारी समझने और चेतावनी संकेतों पर जल्दी प्रतिक्रिया देने में मदद।

इलाज में कितना समय लगता है?

तीव्र दौरे आमतौर पर इलाज के कुछ हफ़्तों से कुछ महीनों में शांत हो जाते हैं। क्योंकि बाइपोलर डिसऑर्डर लौट सकता है, मूड स्थिर रखने के लिए लंबे समय तक इलाज और नियमित फ़ॉलो-अप की सलाह दी जाती है।

जयपुर में डॉ. सुरभि माथुर को क्यों चुनें?

  • MBBS, MD (मनोरोग), नारायणा हॉस्पिटल में कंसल्टेंट साइकियाट्रिस्ट
  • साइकोथेरेपी और कॉग्निटिव बिहेवियरल थेरेपी (CBT) में प्रशिक्षित
  • थेरेपी, दवा और जीवनशैली को मिलाकर बनी इलाज योजना
  • पूरी तरह गोपनीय, बिना जजमेंट के परामर्श
  • निर्माण नगर में क्लिनिक, हफ़्ते के सातों दिन खुला
  • ज़रूरत पड़ने पर नारायणा हॉस्पिटल में भर्ती की सुविधा

सवाल-जवाब

जयपुर में बाइपोलर डिसऑर्डर का इलाज: सवाल-जवाब

कोई और सवाल हो तो हमें कॉल करें, हम मदद करेंगे।

कॉल करें 72404-45656

क्या बाइपोलर डिसऑर्डर और मूड स्विंग एक ही हैं?

नहीं। रोज़ के मूड स्विंग कुछ घंटे रहते हैं। बाइपोलर के दौर दिनों से हफ़्तों तक चलते हैं और नींद, ऊर्जा, सोच और व्यवहार में साफ़ बदलाव लाते हैं।

क्या बाइपोलर डिसऑर्डर वाले लोग सामान्य रूप से काम और शादी कर सकते हैं?

हाँ। नियमित इलाज से बाइपोलर वाले ज़्यादातर लोग काम करते हैं, पढ़ते हैं, शादी करते हैं और परिवार चलाते हैं। गर्भावस्था की योजना मनोचिकित्सक के साथ बनानी चाहिए ताकि दवाएँ सुरक्षित तरीके से बदली जा सकें।

क्या मुझे ज़िंदगी भर दवा लेनी होगी?

कई लोगों को लंबे समय तक मेंटेनेंस इलाज से फ़ायदा होता है क्योंकि इससे दोबारा दौरे बहुत कम होते हैं। योजना की नियमित समीक्षा होती है और यह आपके इतिहास के अनुसार बनाई जाती है।

बाइपोलर डिसऑर्डर के बारे में बात करने के लिए तैयार हैं?

निर्माण नगर क्लिनिक में डॉ. सुरभि माथुर से गोपनीय परामर्श बुक करें, या व्हाट्सएप पर संदेश भेजें, हम आपकी सुविधा के अनुसार समय तय करेंगे।

संकट की स्थिति में या ख़ुद को नुकसान पहुँचाने के विचार आएँ तो टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 (निःशुल्क, 24×7) पर कॉल करें या नज़दीकी इमरजेंसी विभाग जाएँ।